कानपुर देहात। पुलिस जांच में योगेश की मौत की वजह पांच रुपये बनी। बताया गया कि योगेश व उसके साथियों ने जो कुछ भी खाया, पिया उसका 1005 रुपये बिल बना। भुगतान करने के लिए योगेश ने 500 रुपये निकाल कर मोबाइल के नीचे रखे थे। जो अचानक गायब हो गए। इसको लेकर विवाद शुरू हुआ था।
पुलिस ने हत्या की वजह जानने के लिए ढाबा में काम करने वाले कर्मचारियों से लेकर पुलिस हिरासत में लिए गए पुष्पेंद्र सिंह से कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें पुलिस को पता चला कि खाने का बिल 1005 रुपये बना था। खाना खिला रहे कर्मचारी ने जब मेज पर बिल रखा तो भुगतान करने के लिए योगेश ने मोबाइल के नीचे पांच सौ का नोट निकाल कर रख लिया था। इसी बीच वह साथियों से बात करने लगा। तभी मोबाइल के नीचे रखा नोट गायब हो गया। इसके बाद पहले योगेश व उसके साथी आपस में कहासुनी करते रहे। इसके बाद मामला कर्मचारियों तक पहुंच गया। विवाद इतना बढ़ा की योगेश की गोली मार कर हत्या कर दी गई।
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जेल जाते ही रो पड़ा गार्ड रामचंद्र
हत्या के मामले में पुष्पेंद्र को पुलिस ने मुख्य आरोपी बनाया। वहीं लापरवाही से असलहा रखने के मामले में सुरक्षा कर्मी रामचंद्र को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। रविवार दोपहर पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया। जेल जाते समय पुष्पेंद्र के चेहरे पर पछतावा नहीं था। वहीं रामचंद्र बहुत बड़ी गलती हो गई जो रायफल छोड़ गया, यह बात कहते हुए रो पड़ा । थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों को जेल भेजा गया है।