कानपुर देहात। बिकरू कांड के आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करने के मामले में शुक्रवार को वादी तत्कालीन चौबेपुर थाना प्रभारी कृष्ण मोहन राय से बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की। गैंग चार्ट से जुड़े सवालों का जवाब देने में इंस्पेक्टर लड़खड़ा गए। आगे की जिरह के लिए अदालत ने 29 सितंबर की तारीख तय की है।
दो जुलाई 2020 में हुए बिकरू कांड के बाद चौबेपुर पुलिस ने 30 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पांच गैंगस्टर बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही है।
मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता वादी मुकदमा इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय से जिरह कर रहे हैं। शुक्रवार को आरोपी शिव तिवारी के अधिवक्ता रामशंकर अग्निहोत्री ने गवाह से सवाल कर अपनी जिरह समाप्त की।
उसके बाद आरोपी विष्णुपाल उर्फ जिलेदार, उमाकांत शुक्ला, राजेंद्र मिश्रा व शिवम की ओर से अधिवक्ता संतोष कुमार बाजपेई ने इंस्पेक्टर से जिरह शुरू करते हुए गैंग चार्ट से संबंधित कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या गैंग चार्ट अनुमोदन के लिए डीएम के सामने पेश किया।
क्या आपके सामने डीएम ने गैंग चार्ट पर अनुमोदन के लिए हस्ताक्षर किए थे। इसका जवाब गवाह ने नहीं में दिया। अधिवक्ता ने पूछा कि क्या पूर्वांचल के सत्ताधारी नेताओं की सिफारिश पर आपकी नियुक्ति चौबेपुर थाने में हुई थी। इसका जवाब भी गवाह ने नहीं में दिया।
गैंग चार्ट से जुड़े कुछ सवालों के जवाब देने में इंस्पेक्टर लड़खड़ा गए। हालांकि विशेष लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया ने बचाव पक्ष के कई सवालों पर विरोध किया। विशेष लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया ने बताया कि सभी आरोपी कोर्ट में पेश किए गए। अभी जिरह जारी है। आगे की जिरह के लिए अदालत ने 29 सितंबर की तिथि तय की है।