अन्य पर मिस कंडक्ट की कार्रवाई
अन्य पुलिस कर्मियों पर मिस कंडक्ट (परनिंदा) की कार्रवाई की गई है। इनमें से तत्कालीन एसपी ग्रामीण प्रद्युम्र सिंह (वर्तमान में रिटायर्ड) की पेंशन आधी कर दी गई है। इसके साथ ही 6 इंस्पेक्टर, 15 दरोगा, 2 हेड कांस्टेबल और 4 कांस्टेबल पर भी कार्रवाई की गई है।
इन पर हुई कार्रवाई
इंस्पेक्टर राम मूर्ति यादव (परनिंदा), मुकेश कुमार (परनिंदा), बृज किशोर मिश्रा (परनिंदा), सूबेदार सिंह तत्कालीन इंस्पेक्टर शिवली (परनिंदा), अंजनी कुमार पांडेय, लखनऊ (परनिंदा), दरोगा अजहर इसरत (तीन साल के लिए न्यूनतम वेतन), कुंवर पाल सिंह (तीन साल के लिए न्यूनतम वेतन), विश्वनाथ मिश्रा (रिवर्ट), अवनीश कुमार लखनऊ (रिवर्ट), दीवान सिंह (परनिंदा), राकेश कुमार (परनिंदा), इंद्रपाल सरोज (परनिंदा) शामिल हैं।
इसके अलावा दीवान गिरि, कानपुर देहात (परनिंदा), लवकुश सिंह चौहान तत्कालीन एसओ रूरा (परनिंदा), संजय कुमार सिंह, शिवली थाना (परनिंदा), जितेंद्र प्रताप सिंह(परनिंदा), संजय सिंह (परनिंदा), राकेश कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन एसओ शिवली (परनिंदा), हेड कांस्टेबल लायक सिंह (परनिंदा), धर्मेेंद्र सिंह (परनिंदा), कांस्टेबल अभिषेक कुमार (न्यूनतम वेतन), राजीव कुमार (रिवर्ट), विकास कुमार (परनिंदा) , कुंवर पाल (परनिंदा) शामिल हैं।
दोषी पाए गए तीन इंस्पेक्टर सेवानिवृत्त, एक की हो चुकी मौत
बिकरू कांड में इंस्पेक्टर मोहम्मद इब्राहिम, वेद प्रकाश, लालमणि सिंह और एसके वर्मा भी दोषी पाए गए थे। इनमें से तीन सेवानिवृत्त हो चुके हैं, वहीं एसके वर्मा की मौत हो चुकी है। लिहाजा इन पर विभागीय कार्रवाई करना संभव नहीं है।
एसआईटी की जांच में दोषी पाए गए तीन आईपीएस की जांच शासन में लंबित
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी जांच में तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी (वर्तमान में एडिश्नल पुलिस आयुक्त गाजियाबाद) , एसएसपी/डीआईजी अनंत देव (वर्तमान में डीआईजी जीआरपी, प्रयागराज) और एसपी ग्रामीण रहे बृजेश श्रीवास्तव (वर्तमान में एसपी कौशांबी) को भी दोषी ठहराया था।
शासन को सौंपी जांच रिपोर्ट
इनकी रिपोर्ट एसआईटी ने शासन को सौंपी थी। शासन में इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ जांच लंबित है। हालांकि हाल ही में आईपीएस दिनेश कुमार पी को डीआईजी और पीपीएस बृजेश श्रीवास्तव को प्रमोट कर आईपीएस बनाया गया है।