फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिकरू कांड : आरोप मुक्त करने की अजी पर हुई बहस, सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तारीख तय

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य मामले में पिछली तिथि पर बचाव पक्ष की ओर छह आरोपियों को आरोप मुक्त करने के प्रार्थना पत्र न्यायालय में दाखिल किए गए थे। शनिवार को अभियोजन ने इन पर कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर बहस की। मामले में सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तिथि दी गई है।
विज्ञापन

बिकरू कांड के बाद पुुलिस ने 45-50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसकी सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट चंद्रमणि मिश्रा की अदालत में चल रही है। मामले में आरोपियों पर अभी तक आरोप तय नहीं हो सके हैं।
पिछली तिथि पर आरोपी विष्णुपाल उर्फ जिलेदार, गोविंद सैनी, रमेश चंद्र, धीरज उर्फ धीरेंद्र उर्फ धीरू, मनीष कुमार उर्फ बीरू की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने आरोप मुक्त करने के प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किए थे।
विज्ञापन

शनिवार को आरोपियों के प्रार्थना पत्रों पर अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में आपत्ति दाखिल की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार बाजपेई ने कोर्ट के सामने तर्क रखे कि पुलिस ने घटना की रात को आरोपियों की ओर से असलहे लूटने की बात विवेचना में की है, लेकिन मामले में लूट की जगह डकैती की धारा में आरोप पत्र अदालत में पेश किए गए।
वहीं, अन्य आरोपियों की ओर से अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने कोर्ट में तर्क रखा कि गोपाल सैनी का नाम गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के बयानों में जानबूझकर विवेचक की ओर से लिखकर उसे आरोपी बनाया गया है।
अन्य आरोपी भी एफआईआर में नामजद नहीं है और न ही वादी मुकदमा सहित घटना में पुलिस की ओर से बनाए गए गवाहों ने उनका नाम लिया है। कोर्ट में उनके बेकसूर होने के तर्क रखे।
वहीं, सहायक शासकीय अधिवक्ता शशि भूषण सिंह चौहान ने बचाव पक्ष के तर्कों का विरोध किया। कहा कि बचाव पक्ष लगातार मुकदमे को लंबित करने के लिए प्रार्थना पत्र पेश कर रहा है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता शशि भूषण सिंह चौहान ने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तिथि तय की है। इस दौरान सभी आरोपी कोर्ट में हाजिर रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें