हादसे में राजीव तिवारी और कैलाश तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई। तेज धमाके की आवाज और चीख-पुकार सुनकर तुर्रा के ग्रामीण आ गए। पुलिस को सूचना देकर ग्रामीण बोलेरो में फंसे लोगों को निकालने लगे। बदौसा पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को अतर्रा सीएचसी भेजा। हालत गंभीर देख डॉक्टर ने पांचों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बांदा ले जाते समय देवराज और लक्ष्मी ने भी दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल से मोहित, देवीशरण और शंकर को कानपुर रेफर कर गया है। बदौंसा थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विजय कुशवाहा, अतर्रा इंस्पेक्टर मनोज शुक्ला, सीओ जियाउद्दीन अहमद घटनास्थल पर पहुंचे। अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र ने चार लोगों के मरने की पुष्टि की है।
जिसमें बोलेरो चालक राजीव उर्फ राजू तिवारी (48) पुत्र रामआसरे तिवारी समेत देवराज द्विवेदी (65) पुत्र सियाराम द्विवेदी, लक्ष्मी द्विवेदी (70) पुत्र मइयादीन, कैलाशी (54) पुत्र रामपाल तिवारी की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। मोहित (22) पुत्र रामदत्त द्विवेदी, शिवशंकर (30) पुत्र माता प्रसाद तिवारी, देवी प्रसाद (36) पुत्र रामखेलावन गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से शिवशंकर और देवी प्रसाद को कानपुर रेफर किया गया है।