कानपुर देहात। 14 फरवरी 1981 को हुए बेहमई कांड से जुड़ी पत्रावली किशोर न्यायालय नहीं पहुंचने पर शनिवार को मामले की सुनवाई टल गई। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 14 मार्च की तारीख तय की है।
14 फरवरी 1981 को फूलन देवी ने डकैतों के साथ बेहम्मई गांव में सामूहिक नरंसहार किया था। इसमें 20 लोगों की मौत हो गई थी। छह लोग घायल हो गए थे। मामले में गांव के ही राजाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। केस की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही है।
मामले की सुनवाई दौरान वर्ष 2015 में बचाव पक्ष की तरफ से आरोपी विश्वनाथ के घटना के समय नाबालिग होने के संबंध में प्रार्थना पत्र पर अदालत ने आरोपी को अपचारी किशोर घोषित किया था।
वहीं, कोर्ट के पूर्व पीठासीन अधिकारी ने अदालत के आदेश पर विश्वनाथ की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में भेजने के आदेश दिए थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता शशि भूषण सिंह चौहान ने बताया कि पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड अभी नहीं पहुंच पाई है।
इससे शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत में आरोपी विश्वनाथ हाजिर रहा। श्याम बाबू की हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिया गया। पोसा को जेल से नहीं लाया गया।