इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों की मदद से जासूसी का सुबूत मिलता है, तो शासन की अनुमति से धारा 121 लगाकर उस पर फिर पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी। बता दें कि एजेंसियां बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान के पाकिस्तान कनेक्शन की जांच कर रही हैं।
बता दें कि मूलरूप से बांग्लादेश के कुरला निवासी डॉ. रिजवान मोहम्मद, उसकी पत्नी हिना, ससुर खालिद, बेटी रुखसार, एक नाबालिग बेटे (17) को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यह लोग वर्ष 2016 से यहां छिपकर रह रहे थे। जासूसी मामले में भी इनकी जांच की जा रही है।
डॉ. रिजवान मोहम्मद और उसके परिवार ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और एक पार्षद द्वारा दिए प्रमाण पत्र के आधार पर आधार कार्ड बनवाया था। ऐसे में विधायक इरफान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जांच के बाद इस मामले में भी पुलिस उन्हें आरोपी बना सकती है।