पिता को करंट की चपेट में देख अतुल ने बिना सोचे समझे छुड़ाने के लिए उनका हाथ पकड़ लिया इससे वह भी चिपक गया। इसके बाद दीपू भी अतुल को छुड़ाने में चिपक गया। मौके पर पहुंचे किसानों ने समझदारी दिखाते हुए लाठी-डंडों से किसी तरह तीनों को करंट से अलग किया और सीएचसी लेकर पहुंचे।
विक्रम ने बताया कि गोरेलाल के चार बेटों में अतुल बड़ा व दीपू तीसरे नंबर का था। दोनों अविवाहित थे। घटना की सूचना पर एसडीएम रावेंद्र सिंह, सीओ राकेश सिंह और कोतवाली प्रभारी पंकज सिंह मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मृतकों के परिजन को कृषक बीमा योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया है।