बांदा जिले में आर्यावत बैंक शाखा प्रबंधक और दिहाड़ी कर्मी को लखनऊ की सीबीआई (एंटी करप्शन) टीम ने रिश्वत लेते दबोच लिया। दोनों को टीम लखनऊ ले गई। इन लोगों ने केसीसी के नाम पर किसान से 7,000 रिश्वत मांगी थी। शिकायर्ता मूंगुस गांव निवासी किसान व बीडीसी सदस्य रामचंद्र ने बताया कि दो लाख रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने पर उससे सात हजार रुपये रिश्वत मांगी थी।
उसने इसकी सूचना सीबीआई टीम को दी। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े तीन बजे आठ सदस्यीय सीबीआई की एंटी करप्शन टीम मूंगुस गांव स्थित आर्यावर्त बैंक पहुंची। वह विशेष पाउडर लगे नोट लेकर बैंक पहुंचा। प्रबंधक दीपक श्रीवास्तव ने नोट अपने हाथ में लेने से मना करते हुए दिहाड़ी पर कार्यरत यशवंत को देने के लिए कहा।
उसने रुपये यशवंत को दे दिए और बाहर निकल आया। इसके बाद टीम अंदर पहुंची और दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम ने उनके हाथ धुलवाए तो पानी गुलाबी हो गया। टीम ने दोनों को हिरासत में ले लिया और बैंक में ही करीब 9 घंटे तक पूछताछ की। शनिवार को तड़के उन्हें अपने साथ लखनऊ ले गई। तिंदवारी थाना इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सीबीआई टीम आई थी, पर थाने में कोई सूचना नहीं दी। न ही कोई रिपोर्ट दर्ज कराई है।