किशोरी से दुष्कर्म और अपहरण के मामले में दोषी अर्जुन पाल को जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपों को साबित किया, जिसके बाद अदालत ने दोषी को सजा सुनाई। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी, ताकि उसे राहत मिल सके।