कानपुर देहात। मंगलपुर क्षेत्र में करीब तीन माह पहले जातीय विद्वेष में एक व्यक्ति की हत्या कर शव छिपा दिया गया था। इस मामले में जेल में बंद आरोपी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई। मंगलवार को सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट के प्रभारी जज ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि मंगलपुर क्षेत्र के गांव जरहुली की रहने वाली गुड्डी देवी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि इसी साल 16 जुलाई को उसका पति शिवपाल अपने खेत में धान लगवाने के लिए दामाद से दस हजार रुपये उधार लेकर आए थे। उसी दौरान वह गांव के ही रहने वाले श्याम लाल के घर चले गए। वहां से वह 10 बजे रात अपने घर वापस रहे थे उसी समय वहां पहले से मौजूद गांव के दीपक सिंह चौहान और रामप्रकाश ने पति के पीछे पीछे आए और श्याम लाल के घर से कुछ दूर पहले जातीय विद्वेष की भावना से धारदार हथियारों और लाठी डंडों से पीटकर उनकी हत्या कर दी। लाश को दीपक सिंह के घर के अंदर कमरे में रख कर बाहर से ताला लगाकर भाग निकले व भ्रमित करने के लिए उसके पति की चप्पलें खेत में और पैंट तालाब के किनारे फेंक दी। देर तक पति के वापस न आने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की छानबीन कर दीपक सिंह के घर से उसके पति की लाश बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में आरोपी दीपक सिंह चौहान की ओर से बचाव पक्ष ने जमानत अर्जी अदालत में पेश की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए एससी/ एसटी अदालत के प्रभारी जज अमित मालवीय ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।