औरैया जिले में कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना नदी का जलस्तर पिछले कई दिनों से निरंतर बढ़ रहा था। शनिवार शाम को जलस्तर के स्थिर होने के बाद रविवार सुबह करीब एक मीटर पानी घट जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं कीचड़ ने लोगों की दुश्वरियां बढ़ा दी है। यही नहीं गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुसने के चलते प्रशासन की ओर से सुरक्षा के मद्देनजर बिजली कटवा दी गई थी, लेकिन इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई गई। इससे बाढ़ प्रभावित गांव अस्ता, नौरी, क्योंटरा, फरिहा, सिकरोड़ी समेत 23 गांवों में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। इससे घरों में मौजूद लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।