फ्री में जहर नहीं मिलता, ज्ञान क्या मिलेगा
अपनी किताब ‘दोगलापन: द हार्ड ट्रुथ एबाउट लाइफ एंड स्टार्टअप्स’ की कीमत को कम करने के सवाल पर अशनीर ने कहा कि फ्री में जहर भी नहीं मिलता, ज्ञान क्या मिलेगा। मैं क्या यहां फ्री में आया हूं, सवाल सुनते ही पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कपड़े देख क्या लग रहा, कौन सी पार्टी में जाऊंगा
संचालन कर रहे पूर्व छात्र तन्मय यादव ने जब अशनीर से पूछा कि चर्चा है कि जल्द ही राजनीति में जाने वाले हैं। इस पर अशनीर ने कहा कि बिल्कुल जाऊंगा। मौका आने पर ही रणनीति तैयार की जाएगी। कौन सी पार्टी में जाएंगे, इस सवाल पर भगवा रंग के कपड़े पहने अशनीर ने कहा कि कपड़ों का रंग देखकर क्या लगता है कि किस पार्टी जाऊंगा।
12वीं पास भी उनकी कंपनी में
अशनीर शिक्षण में अव्वल रहे हैं। उन्होंने युवाओं से पढ़ाई पर भी ध्यान देने को कहा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि काम आना महत्वपूर्ण है। अशनीर कहते हैं कि उनकी कंपनी में 12वीं पास कर्मचारी भी हैं।
अशनीर का अंदाज-ए-बयां
- प्राइवेट जेट क्यों लूं, अगर मरूंगा तो अकेले नहीं सबको लेकर मरूंगा।
- वेल्लापंती ठीक हैं, लेकिन एकेडमिक्स में बेहतर होना जरूरी है।
- कंपनी बनाओ तो यूनिकार्न बनाओ, किताब लिखो तो एक नंबर हो, रील बनाओ तो एक मिलियन व्यू हों, शो बनेगा तो भी एक नंबर होगा।
- मेरी नेटवर्थ जानकार क्या करोगे, तुमको खरीदनी है।
अशनीर की बेबाकी पर फिदा छात्र
अशनीर भले ही अड़ियल रैवेये के लिए मशहूर हों, लेकिन वह किसी को गलत सलाह नहीं देंगे। आज उनको सामने सुनकर यह और भी साफ हो गया। डेढ़ घंटे का समय कब बीत गया, पता ही नहीं चला। - हेमंत, छात्र
इस इवेंट का अब तक का सबसे अच्छा हिस्सा रहा। काफी अच्छा अनुभव रहा है। कुछ मुस्कुराकर आपको सही गलत बताते हैं, कुछ बेबाक तरह से। अशनीर की बातें दवाई की तरह हैं, कड़वी लगेंगी, लेकिन फायदा करेंगी। - लक्षिका, छात्रा
तीन दिन चली ई-समिट का समापन
आईआईटी में तीन दिन चली ई-समिट का समापन हो गया। इस समारोह में टॉक सेेशन, स्टार्टअप एक्सपो, अपस्टार्ट नेशन, अपस्टार्ट कैंपस जैसी कई प्रतियोगिताएं हुईं। विजेताओं की घोषणा सोमवार को की जाएगी।
लैब से बाजार तक स्टार्टअप की मदद करेगा आईआईटी
आईआईटी के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. अंकुश शर्मा ने कहा कि इंडियन एंजल नेटवर्क की मदद से फ्यूचरटेक त्वरक कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत स्टार्टअप के लिए उत्पादों के विकास और प्रयोगशाला से बाजार तक की यात्रा को सक्षम बनाया जाएगा। उन्हें तकनीक व वित्तीय मदद दी जाएगी। उत्पादों के विकास के साथ उनकी टेस्टिंग, पेटेंट आदि में भी संस्थान के अधिकारी सहयोग करेंगे।