इटावा। जिले के प्रतिष्ठित सराफ का नाम बैंक घोटाले से जुड़ने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया था। शनिवार देर शाम बड़ी संख्या में पुलिस बल ने शास्त्री चौराहा से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तारी की जानकारी होते ही सराफ के परिवार के साथ ही उससे जुड़े सफेदपोशों और अधिकारियों में भी खलबली मच गई। पूरी रात सराफ को छुड़वाने के प्रयास चलते रहे।
उज्ज्वल पोरवाल की गिरफ्तारी की सूचना पर कुछ ही देर में उसके परिवार के लोगों के साथ ही शहर के कई दिग्गज भी पहुंच गए। शहर के कई सफेदपोशों और अधिकारियों के पास सराफ को छुड़वाने के लिए फोन घनघनाने लगे। हालांकि रातभर प्रयास के बाद भी कोई पैतरा काम नहीं कर सका। शाम को पुलिस ने कोर्ट में पेश करके आरोपी को जेल भेज दिया। उधर, सराफा कारोबारी ने जिला अस्पताल में मेडिकल के दौरान बताया कि उसके पास उक्त धनराशि के लेनदेन के सभी कागजात हैं। उसे फंसाया गया है।
सराफा कारोबारी उज्ज्वल पोरवाल के शहर के कई कई दिग्गजों और अधिकारियों के साथ संपर्क रहे हैं। उसके निजी कार्यक्रमों में कई नामी लोग शामिल होकर शोभा बढ़ाते रहे हैं। वहीं कई कार्यक्रमों में अधिकारी भी शामिल होते रहे हैं। बैंक गबन के मामले में सर्राफ का नाम आते ही भले ही कई लोग उसे बचाने के प्रयास में लगे थे, लेकिन बड़े लोग उससे अपना नाम बचाने के प्रयास में लगे रहे।
बर्तन कारोबारी से बने बड़े सराफा कारोबारी
सराफा कारोबारी उज्ज्वल पोरवाल मूल रूप से भरथना कस्बे के रहने वाले हैं। उनके पिता की कस्बे में बर्तन की दुकान थी। पिता के निधन के बाद उसे दोनों भाइयों ने संभाला। लगभग 12 साल पहले उज्ज्वल ने शहर में पैठ बनाई और सराफा का कारोबार शुरू किया। कुछ ही समय में उज्ज्वल के शोरूम का कद बढ़ गया और उनकी गिनती बड़े सराफा कारोबारियों में होने लगी।
कई अन्य प्रतिष्ठित लोगों के भी नाम आ रहे सामने
जांच में शहर के कुछ और प्रतिष्ठित लोगों के संलिप्तता होने की बात भी सामने आई है। जिनके खाते में रुपये भेजा गया है। पुलिस लगातार उनकी निगरानी कर रही है। जांच में यह घोटाले की राशि लगभग 50 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं, पुलिस अब सर्राफ के संपत्ति के स्रोतों की भी जांच करेगी।