इटावा। खंडहर के पीछे चल रही असलहा फैक्टरी का ऊसराहार पुलिस ने भंडाफोड़ किया। पुलिस ने छापा मारकर दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया। मौके से बने व अधबने असलहे व उपकरण बरामद किए।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि ऊसराहार थाना प्रभारी बेचन कुमार सिंह शनिवार रात पुलिस फोर्स के साथ भरतिया अंडर पास पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी उन्हें सूचना मिली कि कुछ लोग गड़रियान की मडै़या गांव को जाने वाले रास्ते पर खंडहर के पीछे असलहा बना रहे हैं। पुलिस टीम ने छापा मारा तो सरवेंद्र यादव व ललित उर्फ चिरैया निवासी नगला दुली थाना ऊसराहार असलहा बनाते मिले।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 315 बोर के 10 तमंचे, 12 बोर का एक तमंचा, 315 बोर की एक अधिया, 315 बोर की दो देसी राइफल, चार अधबने तमंचे, नौ नाल, नौ कारतूस और असलहा बनाने के उपकरण बरामद हुए। एसएसपी ने बताया कि लोकसभा चुनाव में तमंचे खपाने की तैयारी थी। 25 से 30 लोगों को आरोपियों ने असलहे बेचे हैं। दो साल से जगंलों में अस्थाई रूप से तमंचे बना रहे थे। आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। फैक्टरी का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने 20 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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शिक्षक की हत्या करके खेत में दफनाया था शव
सरवेंद्र यादव ऊसराहार थाने का टॉप टेन अपराधी है। जनपद के अलावा औरैया व मैनपुरी के थानों में हत्या, लूट अपहरण के 22 मामले दर्ज हैं। वर्ष 2004 में नगला दुली के सरकारी स्कूल के शिक्षक की अपहरण के बाद हत्या करके शव को खेत में दफना दिया था। एक माह बाद पुलिस ने शव को बरामद करके आरोपी को जेल भेजा था। आरोपी ललित उर्फ चिरैया भी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ भी हत्या का मामला दर्ज है।