दो बार हुआ था भर्ती, हालत थी गंभीर
12 जुलाई को धीरेंद्र कुमार जेल में दाखिल हुआ था। तबीयत बिगड़ने पर 19 जुलाई को पहले उसे उर्सला और फिर हैलट में भर्ती कराया गया था। 20 अगस्त को अस्पताल से वापस जेल पहुंचा था। 23 अगस्त को फिर से तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद से हैलट में उसका इलाज चल रहा था।
सिख विरोधी दंगों के आरोपी काफी उम्रदराज हैं। जेल अस्पताल के डॉक्टरों की वह निगरानी में हैं। विशेष रूप से इनका ध्यान रखा जा रहा है। यही वजह है कि तबीयत बिगड़ने पर बिना किसी देरी के धीरेंद्र को हैलट में भर्ती कराया गया था। -बीडी पांडेय, जेल अधीक्षक