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कानपुर: उर्सला में 30 घंटे बाद पट्टी बांधने का आरोप, निदेशक बोले- तुरंत होती है पट्टी, मामले की जानकारी नहीं

Mon, 18 Sep 2023 08:13 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर

सार

Kanpur News: निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश का कहना है कि उस वार्ड में लावारिस भर्ती रहते हैं। उनके कपड़े बदलवाने, दवा की व्यवस्था स्टाफ करता है। इस संबंध में जानकारी कराई जाएगी।
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पीड़ित मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खाना बनाते समय हाथ में जले ग्वालटोली के चंद्रशेखर शुक्ला को उर्सला में तुरंत इलाज नहीं मिला। वह जो घर से हाथ पर पट्टी बांधकर आए थे, वही पट्टी 30 घंटे तक बंधी रही। बाद में इमरजेंसी में उनके हाथ में पट्टी बांधी गई। यह मामला वायरल हो गया। इस पर सभी अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। उर्सला के सीएमएस डॉ. आनंद नारायण ने कहा कि वह बीमार हैं और बेड पर हैं। वहीं निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। झूठ बोला जा रहा है। अस्पताल में तुरंत पट्टी होती है। इस संबंध में जानकारी लेंगे।

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चंद्रशेखर शुक्ला को दाएं हाथ की कलाई जलने के बाद उर्सला के एनबी-1 वार्ड में शनिवार को भर्ती किया गया था। उनके हाथ पर वही पुरानी पट्टी बंधी रही। पैरामेडिकल स्टाफ ने उनकी पट्टी नहीं की। उनका न इलाज किया गया। अस्पताल में समाज सेवी तरनजीत रोगी सेवा के लिए आते हैं। उन्होंने रोगी को देखा तो पैरामेडिकल स्टाफ से कहा, लेकिन पट्टी नहीं हुई। बाद में उन्होंने रविवार को इमरजेंसी में ले जाकर रोगी की पट्टी कराई। निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश का कहना है कि उस वार्ड में लावारिस भर्ती रहते हैं। उनके कपड़े बदलवाने, दवा की व्यवस्था स्टाफ करता है। इस संबंध में जानकारी लेंगे।
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