चंद्रशेखर शुक्ला को दाएं हाथ की कलाई जलने के बाद उर्सला के एनबी-1 वार्ड में शनिवार को भर्ती किया गया था। उनके हाथ पर वही पुरानी पट्टी बंधी रही। पैरामेडिकल स्टाफ ने उनकी पट्टी नहीं की। उनका न इलाज किया गया। अस्पताल में समाज सेवी तरनजीत रोगी सेवा के लिए आते हैं। उन्होंने रोगी को देखा तो पैरामेडिकल स्टाफ से कहा, लेकिन पट्टी नहीं हुई। बाद में उन्होंने रविवार को इमरजेंसी में ले जाकर रोगी की पट्टी कराई। निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश का कहना है कि उस वार्ड में लावारिस भर्ती रहते हैं। उनके कपड़े बदलवाने, दवा की व्यवस्था स्टाफ करता है। इस संबंध में जानकारी लेंगे।