सरवनखेड़ा। गजनेर थाना क्षेत्र के एक गांव में मूकबधिर किशोर के साथ कुकर्म किए जाने का आरोप लगा मां ने शिकायत की। पुलिस ने मूकबधिर के कपड़े उतार कर जांच कर ली। कुकर्म की पुष्टि न होने पर युवक का शांति भंग में चालान किया गया।
थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि 14 वर्षीय मूकबधिर बेटा मंगलवार की शाम चार बजे गांव में घूम रहा था। गांव के डिंपू ने बेटे को बहला कर घर ले गया। काफी देर तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार के लोग ढूंढने निकले तो बेटा डिंपू के घर पर मिला। बताया कि बेटे ने इशारों में गलत काम करने का इशारा किया। इस पर जब उसने विरोध जताया तो आरोपी ने उसे धमकी दी। मूकबधिर की मां ने थाने में शिकायत की तो पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराने की जरूरत भी नहीं समझी और चौकी इंचार्ज ने खुद ही परिवार के सामने कपड़े उतरवा कर जांच कर ली। थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया की चौकी प्रभारी ने सामने किशोर के माता-पिता के सामने उसके कपड़े उतारकर परीक्षण किया तो उसके कुकर्म होने की बात सामने नहीं आई है। थानाध्यक्ष का कहना है कि जब परिवार के लोग संतुष्ट हो गए तो उन्होंने मेडिकल परीक्षण कराने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने बताया कि किशोरी की मां ने किसी के बहकावे में कुकर्म की तहरीर दी थी। जांच पड़ताल में कुकर्म की बात गलत साबित होने पर आरोपी के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई है।