कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में हुए शोध से अब हैलट में प्रोस्टेट कैंसर की सटीक जांच संभव हो सकेगी। यह जांच उन मरीजों के लिए कारगर होगी जिनमें बायोप्सी के बाद भी कैंसर का पता नहीं चल पाता और बाद में बीमारी सामने आती है। जांच से कैंसर की मौजूदगी और उसकी गंभीरता का पता चल सकेगा, जिससे उसी आधार पर उपचार किया जाएगा। यह शोध पैथोलॉजी विभाग के जेआर डॉ. अनिरुद्ध जैन ने गाइड डॉ. नीलिमा वर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ. लुबना खान की देखरेख में किया। डॉ. लुबना खान ने बताया कि बढ़ती उम्र में प्रोस्टेट संबंधी समस्याएं आम हैं और शुरुआती दौर में सामान्य प्रोस्टेट व कैंसर में अंतर करना चुनौतीपूर्ण होता है। डॉ. अनिरुद्ध ने बताया कि बायोप्सी टिश्यू पर इम्यूनोहिस्टो केमिस्ट्री की मदद से मार्कर लगाकर जांच की गई, जो सफल रही। इससे अनावश्यक सर्जरी से बचाव और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने सभी को शुभकामनाएं दीं। (संवाद)