सीसीटीवी कैमरे करते थे बंद
उन्होंने बताया कि विधायक अब्बास व निखत को मिलाने से लेकर अन्य सुविधाओं को लेने के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद किए जाते थे। इसके लिए बिजली जाने की बात कहकर मेन गेट के कैमरे बंद होते थे। जनरेटर चालू कराने के लिए आने वाले से कैमरों के संचालन वाली बटनें बंद कराई जाती थी।
जांच टीम को मिली हैं कई जानकारियां
इन दोनों की यहीं ड्यूटी लगा दी जाती थी। इसके अलावा जेल प्रकरण में नामजदों के अलावा डिप्टी जेलर चंद्रकला का नाम सामने आने और कई सबूत मिलने पर जेल जाने के बाद जांच टीम ने जेल के दस अन्य लोगों की सूची में चार से रविवार को पूछताछ की। इनसे भी जांच टीम को कई जानकारी मिली है।
जरूरत के हिसाब से लगती थी ड्यूटी
डिप्टी जेलर व वार्डर की ड्यूटी पूरे परिसर में जरूरत के हिसाब से लगाई जाती थी। सूत्रों के अनुसार विधायक अब्बास व निखत की मिलाई के दौरान बाहरी पूरी व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी होती थी। कैंटीन से लेकर जेल के मुख्य गेट तक आने जाने वालों पर नजर रखते थे कि कोई भी जेल अधिकारी के कक्ष की ओर न जा सके।
महंगे गिफ्ट्स और नगदी हुई बरामद
शुक्रवार से लेकर रविवार की तक की पूछताछ व खोजबीन के बाद जांच टीम को काफी सफलता मिल गई है। सूत्रों के अनुसार दावा है कि कई मंहगे गिफ्ट व नगदी के अलावा कुछ और उपहार की सामग्री, मोबाइल, बैंक पास बुक, कार के कागजात आदि की बरामदगी भी हो गई है।
पकड़े गए दो से पूछताछ जारी
डॉन मुख्तार अंसारी व विधायक अब्बास अंसारी की जेल में मदद करने के आरोप में बांदा में पकड़े गए कुछ लोगों के रिश्तेदारों को जांच टीम ने तरौंहा में जाकर पूछताछ की है। इसी क्रम में जावेद को भी पकड़ा गया है। शंकर बाजार निवासी अभिलाष से भी लगातार दूसरे दिन पुलिस पूछताछ करती रही।
इनके परिजनों ने दावा किया है कि इस प्रकरण में उनका कोई लेना देना नहीं है। इसकी जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। उधर, बताया गया है कि इन दोनों ने पूछताछ में बताया कि वह विधायक अब्बास व उसकी पत्नी निखत से कभी नहीं मिले। सपा नेता फराज व कैंटीन सप्लायर नवनीत के संपर्क के सवाल पर कहा कि वह इन्हें जानते हैं।