इसके बाद सभी ने साधु संतों की मौजूदगी में रामघाट पर मंदाकिनी नदी की पूजा की। इसी बीच तेज हवा के झोंके के साथ रिमझिम बारिश भी शुरू हो गई। इसके बावजूद सभी रामघाट में डटे रहे। साधु-संतों ने सभी को सामूहिक आरती भी कराई और प्रसाद वितरण किया। बारिश के दौरान कई मंत्रियों को छाते उपलब्ध कराए गए। साधु-संतों में महंत दिव्यजीवन दास, महंत रामजी दास, रामजन्म दास, महंत सीताशरण महराज आदि मौजूद रहे।