महिला के स्पर्श से दुखी हैं महावीर
स्थानीय भक्तों ने दूसरे दिन भी मूर्ति से आंसू बहते देखा, तो आपसी सहमति से रामनाम कीर्तन और अखंड रामायण शुरू कर दी। लोगों ने बताया कि इस मंदिर में जब से स्थापना हुई है, तब से किसी महिला ने स्पर्श करने के बाद पूजा नहीं की। किसी महिला के स्पर्श से दुखी महावीर की आंखों से आंसू टपक रहे हैं।