कानपुर। अत्यधिक सोने और अत्यधिक रोने की प्रवृत्ति वाला व्यक्ति जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता। यह बात छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में भाषा संकाय के शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कही। उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 की सराहना करते हुए इसे दुनिया के शिक्षाविदों के लिए एक आदर्श करार दिया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को अनुवाद और गहन अनुसंधान के माध्यम से और अधिक विस्तार देने पर विशेष जोर दिया। विश्वविद्यालय के छात्र उनकी कविताओं का अध्ययन कर रहे हैं, यह सुन डॉ. निशंक प्रसन्न दिखे। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, विधायक सुरेंद्र मैथानी, वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक, डॉ. सर्वेश मणि, कूटा अध्यक्ष डॉ. बीडी पांडेय, डॉ. राकेश शुक्ला, डॉ. अंकित त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को प्रो. विनय कुमार पाठक के आवास पहुंचकर उनसे आत्मीय भेंट की। प्रो. पाठक ने कहा कि डॉ. निशंक ने उत्तराखंड में उन्हें पहली बार कुलपति के रूप में दायित्व प्रदान किया था। निशंक ने प्रो. पाठक के पुत्र विनायक पाठक एवं पुत्रवधू विनीता पाठक को आशीर्वाद प्रदान किया।