हरिद्वार के अघोरी का निकला है शव
नशे में धुत होने से पहले, तो दोनों ने कुछ नहीं बताया। इसके बाद में सीओ, फिर कोतवाल ज्ञानेंद्र सिंह और रात में एसओजी टीम के सदस्यों ने रातभर हत्यारोपियों से पूछताछ की। नशा उतरने पर हत्यारोपी संतोष कनौजिया ने बताया कि शव हरिद्वार के थाना मंगलौर के कस्बा लंढोरी निवासी सर्वांग उर्फ प्रमोद (55) का है।
प्रमोद के साथ मिलकर करता था सट्टे का काम
हत्यारोपी संतोष ने बताया कि उसका पूरा परिवार दिल्ली में रहता है। बेटा विशाल भी वहीं रहता था। करीब डेढ़ साल पहले विशाल की मुलाकात वहीं अर्जुन नाम के युवक से हुई। वह लंढोरी निवासी अघोरी सर्वांग उर्फ प्रमोद के साथ मिलकर सट्टे का काम करता था। अर्जुन ने विशाल को भी अघोरी से मिलवाया।
पैसा न देने पर मार डालने की धमकी
उसने कहा कि बाबा जो नंबर बताते हैं, वही सही होता है। पैसे के लालच में हत्यारोपी के बेटे ने भी पैसे लगाने शुरू किए और वह हारने लगा। इसके बाद में जब अघोरी का उस पर 6,500 रुपये उधारी हो गया, तो उसने मांगना शुरू किया। न देने पर मार डालने की धमकी दी। धमकी से परेशान विशाल ने पिता संतोष घटना की जानकारी दी।
बेटे ने कर ली थी आत्महत्या
वह रुपये लेकर अघोरी के पास पहुंचा और रुपये अदा किए और बेटे को लेकर घर आ गया। उसके बाद बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। बेटे का शव देखने के बाद संतोष ने अघोरी की हत्या करने का प्लान बनाया, ताकि कोई दूसरा युवा सट्टे के व्यापार में पड़कर अपनी जान न गवाएं। इसमें अपने साथी को भी शामिल किया।
मृतक के घर पुलिस को भेजा गया है
सीओ विजय आनंद ने बताया कि हत्यारोपियों ने घटना कबूल कर मृतक का नाम पता बताया है। हत्या करने के पीछे का कारण भी बता दिया है। मृतक के घर पुलिस को भेजा गया है, ताकि सही से और जानकारी हो सके। फिलहाल दोनों से और पूछताछ करके मामले की गहन जानकारी की जा रही है।