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Orai: बेतवा में अद्भुत मछलियों को देखने के लिए लगता है मेला, पितृपक्ष में दूर-दूर से आते हैं लोग, पढ़ें कहानी

Sun, 15 Oct 2023 12:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई

सार

Orai News: लोगों का विश्वास है कि हमारे पूर्वज मछलियों का रूप धारण करके आते हैं। इसलिए पितृपक्ष में दूर-दूर से लोग यहां पर मछलियों को आटा, फल आदि चुगाने के लिए आते हैं।
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बेतवा नदी में मछलियां देखते युवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उरई में कालपी तहसील के ग्राम परासन में आज भी प्राचीन तीर्थ स्थल मौजूद हैं, जो अपने अंदर अनोखा इतिहास समेटे हुए हैं। यहीं पर महर्षि पराशर ने तपस्या और साधना कर इसे पवित्रता और महानता प्रदान की थी। पाराशर के नाम पर ही परासन ग्राम का रखा गया। महर्षि पराशर ने लोक कल्याण और समाज के लिए अनेकों काम किए।

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परासन में बेतवा नदी का प्रवाह और सौंदर्य देखते ही बनता है। मान्यता है कि बेतवा नदी में कुछ विशिष्ट मछलियां प्रकट हो जाती हैं। इन विशिष्ट मछलियों की मुख्य आकृति गाय की तरह और शरीर सोने की तरह पीला व आकर्षक होता है। विशेष बात यह है कि यह मछलियां बेतवा नदी में वर्ष भर न तो दिखाई पड़ती हैं, और न ही पाई जाती हैं।
मछलियां केवल परासन ग्राम में ही जन्माष्टमी से आ जाती हैं और ये कार्तिक पूर्णिमा तक रहती है। इनका वजन 80 किलो तक और लंबाई चार से पांच फीट तक होती है। लोगों का विश्वास है कि हमारे पूर्वज मछलियों का रूप धारण करके आते हैं। इसलिए पितृपक्ष में दूर-दूर से लोग यहां पर मछलियों को आटा, फल आदि चुगाने के लिए आते हैं।

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ग्राम परासन को पर्यटक स्थल घोषित किया गया
पितृ पक्ष में यहां मेला भी लगता है। आश्रम से लगभग 100 फीट ऊंची महर्षि पराशर जी विराजमान हैं। इस चोटी तक पहुंचाने के लिए लगभग 70 सीडीओ का मार्ग भी तय करना पड़ता है। आश्रम में लगभग 16 एकड़ जगह में बेलपत्र और कई प्रकार के वृक्ष लगे हुए हैं। वर्तमान सरकार द्वारा ग्राम परासन को पर्यटक स्थल घोषित किया गया है।

 
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