कानपुर देहात। श्री अन्न व धान की सरकारी खरीद बीस दिन बाद भी सुस्त है। अब तक 115 किसानों से धान खरीदा जा सका है। श्री अन्न मिलाकर कुल 1609 किसानों से अनाज की सरकारी खरीद हुई है। इधर सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए ऑनलाइन सत्यापन की अनिवार्यता है। अब तक 7953 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जिसमें 2490 किसानों का सत्यापन अटका है।
क्रय केंद्रों पर अनाज की सरकारी खरीद की प्रक्रिया है। इसके लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। जमीन और अनाज के रकबे का सत्यापन राजस्व टीम करती है। 1 नवंबर से धान की खरीद खुल गई है। 52 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पीसीएफ व पीसीयू क्रय एजेंसी ने अब तक धान का दाना नहीं खरीदा है। जबकि दो अन्य एजेंसियों ने 115 किसानों से धान खरीद की है। जबकि खाद्य एवं रसद विभाग ने 1494 किसानों से श्री अन्न की खरीद की है। अनाज बेचने के इच्छुक 7953 किसानों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। हालांकि इसमें 5464 किसानों का सत्यापन पूरा हो गया है। जबकि 2490 किसानों को सत्यापन का इंतजार है। आंकड़ों की बात करें तो पीएफएमएस से सत्यापन के लिए 333 किसान कतार में हैं। एसडीएम के स्तर पर 1481 किसानों का सत्यापन अटका है। तहसीलदार के स्तर पर 691, एडीएम के स्तर पर 318 किसानों का सत्यापन शेष है। किसानों का कहना है कि कई बार लेखपाल से व्यक्तिगत तौर पर संपर्क करना पड़ता है। तब सत्यापन हो पाता है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो इसके लिए जिला खरीद अधिकारी से वार्ता की गई है।
सत्यापन में सबसे सुस्त डेरापुर एसडीएम
एसडीएम के स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित आवेदनों पर गौर करें तो डेरापुर एसडीएम के 866 आवेदन लंबित हैं। इनका नाम और भूमि सत्यापन होना बाकी है। दूसरे पायदान पर अकबरपुर और सुस्ती में तीसरे पायदान पर सिकंदरा है। भोगनीपुर एसडीएम को केवल 51 किसानों का सत्यापन करना है। तहसीलदार में मैथा को 231, भोगनीपुर में 186 और सिकंदरा तहसीलदार के स्तर पर 148 आवेदनों का सत्यापन शेष है। संवाद