कानपुर देहात। श्रम विभाग के पोर्टल में सेंधमारी कर जिले में 6 लाख 5 हजार रुपये की ठगी की गई। शातिर बदमाशों ने कानपुर जिले में भी ठगी की और करीब 1 करोड़ सात लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। मामले में गिरफ्तार प्रेमी युगल और चार अन्य कानपुर जेल में हैं। कानपुर देहात में साइबर थाने में दर्ज केस में आरोपी होने की वजह से इनकी रिमांड 29 फरवरी को सीजेएम कोर्ट में लगी है।
पंजीकृत श्रमिकों की कन्याओं के विवाह सहायता योजना में प्रति लाभार्थी 55 हजार रुपये का भुगतान होता है। पोर्टल में सेंधमारी कर 259 श्रमिकों के आवेदन किए गए और कुल 196 अपात्र श्रमिकों के खाते में एक करोड़ सात लाख की ट्रांसफर कर ली। शातिरों ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी कानपुर देहात अरविंद कुमार सोनकर की आईडी से आवंटन की प्रक्रिया पूरी की।
घटना में मास्टर माइंड सजेती निवासी व हाल मुकाम 19 वीं मंजिल बिल्डिंग पारा थाना लखनऊ के उदित मिश्रा उसकी प्रेमिका वीर सावरकर नगर फेस-02 एमआई डीसी एरिया बुटी बोरी नागपुर महाराष्ट्र निवासी नैंसी ठाकुर, अंकित मिश्रा, मुरादाबाद के थाना मोजपुर वासिदपुर टिगरी निवासी मोहम्मद यासीन, मुरादाबाद के थाना कटघर अंबेडकर नगर निवासी ललित कश्यप, सीतापुर के आदर्श नगर सेक्टर निवासी विनय दीक्षित पकड़े जा चुके हैं। उदित व अंकित सगे भाई हैं। सहायक श्रमायुक्त अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि फर्जीवाड़े की जानकारी पर 15 फरवरी को साइबर थाने में केस दर्ज कराया गया है। जिले में 15 जनवरी से 29 जनवरी 2024 तक पांच श्रमिकों के खाते में प्रति श्रमिक 55 हजार रुपये दो बार भुगतान किया गया है। शातिरों ने फर्जी आवेदन कर आईडी व अधिकारियों के फर्जी डिजिटल सिग्नेचर का प्रयोग कर डीएलसी और एलसी आईडी स्कीप कर यह गड़बड़ी की। कानपुर पुलिस द्वारा पकड़े गए छह आरोपी देहात के मामले में भी शामिल हैं। सीजेएम कोर्ट में 29 फरवरी को रिमांड लगी है।
सहारनपुर से रोहित नाम के व्यक्ति ने किए 259 आवेदन
योजना आवेदन के पेज पर सहारनपुर के रोहित कुमार नाम के व्यक्ति की सीएससी आईडी से बिना मोबाइल नंबर, बिना नवीनीकरण व बिना फैमिली आईडी के कन्या विवाह अनुदान योजना के तहत 25 जनवरी को दोपहर 1:41 बजे से 30 जनवरी की शाम 5:35 तक कुल 259 आवेदन किए गए हैं। साथ ही श्रम परिवर्तन अधिकारी की आईडी स्किप कर रिपोर्ट भी लगाई गई।