संदलपुर(कानपुर देहात)। भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 की लड़ाई में शहीद हुए सैनिक की जैतापुर गांव में बनी शहीद स्मारक की हालत बदतर है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। थाना मंगलपुर के गांव जैतापुर निवासी जय बहादुर सिंह, राजेश सिंह ने बताया कि उनके गांव के निवासी रामराज सिंह राजावत का पुत्र सुरेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 1960 में मीडियम रेजीमेंट आर्टिलरी में सैनिक के पद पर भर्ती हुआ था। 10 सितंबर 1965 को भारत-पाकिस्तान के बीच हुई लड़ाई में शहीद हो गया। इनकी याद में जिला प्रशासन की ओर से स्मारक बनवाया गया था। साथ ही ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि शहीद सैनिक के नाम पर विद्यालय व द्वार का निर्माण कराया जाएगा। वहीं, प्रशासन की उपेक्षा से जो स्मारक बना था, वह भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। शहीद सैनिक के भतीजे प्रधान दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि वह जिलाधिकारी से मिलकर स्मारक का जीर्णोद्धार कराने व विद्यालय खोले जाने की मांग करेंगे। तहसीलदार सिकंदरा संजय सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है। जानकारी कराकर इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।