23 मदरसों में पिछले सत्र में 4160 छात्र थे
ये छात्र प्राइवेट विद्यालयों में पढ़ रहे होते हैं। ऐसे में इन छात्रों को कहीं न कहीं फर्जी तरीके से लाभ देना सरकारी धन में सेंध लगाने जैसा है। जब आधार अनिवार्य हुआ, तो जनपद में संचालित मदरसों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यू-डायस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक जनपद के 23 मदरसों में पिछले सत्र में 4160 छात्र थे।
अब आंकड़ा महज 1811 छात्रों में ही सिमटा
जबकि आधार से नामांकन अनिवार्य होने पर यह आंकड़ा महज 1811 छात्रों में ही सिमट गया है। 2349 छात्र लापता हो गए हैं। इन छात्रों का कोई अता पता ही नहीं है। अधिकारियों के नोटिस भेजे जाने के बाद भी संचालक चुप्पी साधे हुए है।
यू-डायस पर सामने आए आंकड़ों मदरसों की हकीकत
केस-1
सहार स्थित मदरसा रहमानिया स्कूल में पिछले सत्र में 643 छात्रों का पंजीकरण कराया गया था। मौजूदा सत्र में महज 12 छात्रों का ब्योरा ही पोर्टल पर दर्ज कराया जा सका है। आधार सत्यापन के बाद महज 12 छात्र ही मिले हैं। ऐसे में 631 छात्र लापता है। उनका कोई अता पता ही नहीं है।
केस-2
याकूबपुर स्थित मदरसा आरपी स्कूल में पिछले सत्र में 353 छात्र पंजीकृत थे। मौजूदा सत्र में महज 14 छात्रों का ब्योरा ही आधार कार्ड आधारित दर्ज कराया गया है। ऐसे में 339 छात्र लापता हैं। हकीकत तो छोड़िए अब इन छात्रों की गिनती कागजों में भी पूरी होती नजर नहीं आ रही है।
केस-3
मदरसा आपीएस अहसानिया में पिछले सत्र में 371 छात्र पंजीकृत थे। इसमें से महज 46 छात्रों का ब्योरा मौजूदा शिक्षण सत्र में आधार कार्ड आधारित दर्ज कराया गया है। ऐसे में 325 छात्र लापता है। आधार कार्ड के आधार पर इन बच्चों को ढूंढ पाना विभाग के लिए चुनौती होगी।
केस-4
सहार विकासखंड के शिवगंज स्थित मदरसा एमके इस्लामिया में पिछले शिक्षा सत्र में 272 छात्र पंजीकृत संचालक की ओर से बताए गए। नए सत्र में आधार कार्ड आधारित ब्योरा तलब हुआ तो 74 छात्र ही पोर्टल पर दर्ज हो सके हैं। 198 छात्र लापता है।
पोर्टल पर दर्ज आंकड़ें दिखवाएं जाएंगे। मदरसों की छात्र संख्या के लिए स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा। अभी छात्रवृत्ति रोकी गई है, जब तक जांच व सत्यापन का कार्य नहीं हो जाता, तब तक छात्रवृत्ति व अन्य सुविधाएं रोकी गई हैं। गड़बड़ी मिलने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई भी होगी। - सतीश कुमार, प्रभारी जिला, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
मामले की जांच गहनता से कराई जाएगी और मदरसों की स्थलीय जांच करते हुए हकीकत जांची जाएगी, यदि किसी भी तरह का घोटाला पाया जाता है तो संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -नेहा प्रकाश, डीएम