बिल्हौर (कानपुर)। लखनऊ-इटावा राजमार्ग के लोधनपुरवा गांव के पास मंगलवार की रात जंगल से निकला एक हिरन का बच्चा वाहन की चपेट में आकर घायल हो गया। सड़क किनारे गिरे हिरन को समय से उपचार न मिल पाने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गईं। सुबह ग्रामीणों ने मृत हिरन को देखा, जिसे बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते उसे नोच रहे थे। इसके बाद मामले की सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वन विभाग द्वारा लखनऊ-इटावा राजमार्ग के किनारे स्थित बड़े-बड़े जंगलों की तार बैरीकेडिंग न कराने से ककवन में लगातार जंगली जीव वाहनों की चपेट में आकर जान गवां रहे हैं। चोरी-चुपके शिकारी भी जंगली जानवरों को मौत के घाट उतार रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने वन विभाग से बबूल जंगलों के आसपास बैरीकेडिंग किए जाने की मांग की। वन क्षेत्राधिकारी मूलचंद्र सिंग ने बताया कि लोधनपुरवा में हिरन के बच्चे की संदिग्ध हालात मौत की जानकारी पर वन विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे थे, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिससे जानवर के मौत के कारणों का पता चल सके।