मनोज चौरसिया कानपुर। कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज करने में सहायक ए- सोरोसिस मशीन खरीदने के लिए मेडिकल कॉलेज में तीन टेंडर आए हैं। इन्हें स्वीकृति के लिए शासन भेज दिया गया है।आईसीएमआर पत्र लिखा है। अनुमति मिलते ही एक हफ्ते में शोध शुरू करने की तैयारी है। प्लाज्मा थेरैपी से कोरोना मरीजों के इलाज पर शोध के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने 10 दिन पहले ए - सोरोसिस मशीन के टेंडर आमंत्रित किए थे। मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक की प्रभारी डॉक्टर लुबना खान ने बताया कि ए- सोरोसिस मशीन खरीदने के लिए तीन टेंडर आए हैं। यह मशीन करीब 23 लाख रुपए की है। चूंकि मशीन महंगी है। इसलिए परचेज ऑर्डर को अनुमति के लिए शासन को भेजा है। वहां से अनुमति मिलते ही एक हफ्ते में मशीन कॉलेज में आ जाएगी। प्लाज्मा थैरेपी और शोध के लिए आईसीएमआर को भी लिखा जा चुका है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मशीन आते ही उन्हें सूचित किया जाए, उसी समय शोध के लिए स्वीकृति दी जाएगी। इससे मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट अस्पताल में कोरोना के गंभीर मरीजों को स्वस्थ करने के लिए प्लाजमा थेरेपी पर शोध का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इनसेट ऐसे होगा इलाज कोरोना कोरोना की जंग जीतने वाले मरीजों में लगभग 14 दिन में इस संक्रमण विरोधी एंटीबॉडी विकसित हो जाती है, जिनकी मदद से कोरोना रोगों के शरीर मे मौजूद इस वायरस को खत्म किया जा सकता है।