फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी ने सोमवार दोपहर सीएचसी बरौन का निरीक्षण किया। वहां तीन डॉक्टरों सहित 20 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले। सभी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिले की स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरौन का निरीक्षण किया। दोपहर तक ओपीडी में 39 मरीज देखे गए थे। उन्होंने वितरण कक्ष में दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर देखा तो वह दंग रह गए। सीएचसी में डॉ.अफसर रईस, डॉ.सुरेंद्र सिंह, डॉ.रितू सिंह, सुमित रंजन, अंजली, प्रियंका, मनोज कुमार, मोनिका कटियार, शिवम कटियार, सौरभ कुमार, प्रतिभा, अजीत सिंह राना, मेघा शाक्य, सुरेश बाबू, अशेय आलम, जुबैर आलम, इंद्र पाल सिंह, सुषमा देवी, मंगल आदि कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के एक साथ गायब होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ही कमजोर लग रहा है। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि अनुपस्थित कर्मचारियों से तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके साथ ही कमजोर व्यवस्था पर सीएमओ से भी जवाब मांगा गया है।
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जांच में फंसे फार्मासिस्ट को मिल रहा संरक्षण
फर्रुखाबाद। शमसाबाद सीएचसी के फार्मासिस्ट के आवास पर जुलाई में डीएम के निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में दवाई मिली थी। डीएम ने दवा की कालाबाजारी की शिकायत पर एसडीएम से जांच कराने के बाद दवाई सील करवा दी थी। इसके बाद सीएमओ ने कमेटी गठित कर जांच कराई। कमेटी ने सीएचसी के दोनों फार्मासिस्टों को दोषी ठहराते हुए उनके स्थानांतरण के साथ फार्मासिस्ट विजय पाल के निलंबन की संस्तुति की थी। अधिकारियों के संरक्षण के चलते कार्रवाई के नाम पर स्थानांतरण तक नहीं किया गया। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि वह सीएमओ से जांच रिपोर्ट तलब करेंगे। शीघ्र ही दोषी फार्मासिस्टों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)