डॉ. कैलाश ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला जहर सेवन का लग रहा है। विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए बरेली इंस्टीट्यूट भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने बंदरों में किसी भी तरह की महामारी फैले होने की आशंका से इनकार किया है।
टंकियों में डलवाया ब्लीचिंग पाउडर
एकाएक बंदरों की मौत और कुछ बंदरों के अचेत मिलने से लोगों ने माहामारी फैलने की आशंका जताई। बंदरों के पानी की टंकी पर बैठे रहने और कुछ कालोनी की पानी की टंकियां खुली होने पर सीएचसी से टीम भी जांच के लिए बुलाई गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अवनीश कुमार ने जांच पड़ताल की।
सुरक्षा के लिहाज से सभी टंकियों को साफ कराने के साथ ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया है। डॉ. अवनीश ने बताया कि अभी तक किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण नहीं दिखे हैं। लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। क्लोरीन व ब्लीचिंग का छिड़काव करा दिया गया।
पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
कोतवाल शशि भूषण मिश्रा ने बताया कि बंदरों के मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद बंदरों का विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार कराया गया है। यदि किसी ने खाने में कोई जहरीली चीज डाली है, इसकी जानकारी पर कार्रवाई की जाएगी।