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Kannauj News: मूंग में लगे कीड़े, उड़द में येलो मोजेक

Thu, 18 May 2023 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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तालग्राम। मौसम के उतार-चढ़ाव से उड़द मूंग की फसल में रोग और कीट लगने से किसान परेशान हैं। उड़द की फसल में येलो मोजेक तो मूंग में सूड़ी कीड़े से फसल को बचाने के लिए किसानों को दवाओं का छिड़काव करना पड़ रहा है। रोग के चलते मूंग और उड़द की फसल पर लागत अधिक बढ़ सकती है। पैदावार भी घट सकती है।
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क्षेत्र में आलू फसल की खोदाई के बाद खाली पड़े खेतों में अधिकांश किसानों ने जायद की फसल के रूप में मूंग व उड़द की फसल की बोआई कर दी है। यह फसल करीब 80 से 90 दिन के अंदर तैयार हो जाती है। मूंग व उड़द की फसल किसान अतिरिक्त मुनाफे के रूप में पैदा कर लेते हैं। एक से दो सिंचाई में फसल तैयार हो जाती है। किसान सुरेशचंद्र, विरेंद्र कुमार, राजेश उर्फ लल्ला, महेंद्र सिंह, बबलू का कहना है कि अधिकतर किसानों ने आलू फसल के बाद मक्का व उड़द और मूंग के फसल की बोआई की है। इस समय मूंग व उड़द की फसल किसानों के खेतों में करीब 50 दिन 60 की हो गई है। इस बार मूंग की फसल में सूड़ी कीड़ा लगा है। उड़द की फसल में येलो मोजेक रोग लगा है जिससे मूंग व उड़द की फसल बोने वाले किसान परेशान हैं। मूंग के पौधे में सूड़ी सुबह व रात के समय पौधे से लिपटकर उनकी पत्तियां खाकर उसे नष्ट कर रही है। इससे पत्तियों में छेद हो रहे और पौधा नष्ट हो रहा है। वहीं उड़द में पत्तियां पीली पड़ गई हैं।
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बचाव के लिए इन दवाओं का करें प्रयोग
तालग्राम राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी नितिन कुमार ने बताया कि उड़द की फसल में लगे येलो मोजेक रोग पर काबू पाने के लिए डायनिकफ्लेरेट ईसीजी दवा एक लीटर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 500 से 600 लीटर पानी का घोल बनाकर फसल में छिड़काव करें। इससे रोग पर नियंत्रण हो सकेगा। मूंग की फसल में कीटनाशक के छिड़काव से लाभ मिलेगा।
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