सौरिख (कन्नौज)। नगला बिहारी गांव में विवाहिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को जलती हुई चिता से बाहर निकाल लिया। बवाल की आशंका से प्रशासन ने गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया। मायके पक्ष वालों के हंगामे को देखकर ससुराल पक्ष के लोग गांव छोड़कर भाग निकले।
चपुन्ना चौकी के शिवसिंहपुर गांव निवासी ओंकार सिंह ने अपनी पुत्री पूजा की शादी सात दिसंबर 2021 को थाना क्षेत्र के नगला बिहारी गांव निवासी हिमांशु पुत्र रामपाल से की थी। मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग करते हुए पूजा को प्रताड़ित कर रहे थे। मायके वालों का आरोप है कि 17 जनवरी को फतेहगढ़ के एक निजी अस्पताल में हुए ऑपरेशन से मृत बच्चा पैदा हुआ था। ऑपरेशन के बाद उसकी भी हालत बिगड़ गई।
22 जनवरी को कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर 27 जनवरी को लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को अचानक उसकी मौत होने की सूचना दी गई।
मौत की सूचना पर मायके वाले कस्बा स्थित एक्सप्रेसवे के कट पर किलोमीटर 154 पर शव का इंतजार कर रहे थे। ससुराल वाले उन्हें चकमा देकर गांव पहुंच गए व बिना सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जानकारी होते ही पहुंचे मायके वालों ने चिता से शव को बाहर निकालकर हंगामा शुरू कर दिया।
आक्रोशित मायके वालों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है।