तालग्राम। सफलता उन्हीं के कदम चूमती है, जो हौसलों और संघर्ष से जूझकर उड़ान भरते है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया महिला किसान की बेटी ने। पिता की मौत के बाद मां और भाइयों की प्रेरणा से स्वाली शाक्य ने पढ़ाई कर नीट परीक्षा में सफलता हासिल की।
तालग्राम कस्बे के जेर किला निवासी महिला किसान अरुणा कुमारी शाक्य की बेटी स्वाली ने नीट (नेशनल इलिजीबिलिटी कम इंट्रेस टेस्ट) राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा 2022 पास करने में सफलता हासिल की। उन्होंने 720 में से 627 अंक प्राप्त कर देश में 10251 रैंक पर स्थान पाया है। स्वाली के पिता देशराज की वर्ष 2020 में कोरोना की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इससे घर की जिम्मेदारी मां के कंधों पर आ गई। तीन भाइयों अनुराग, अंकित और विकास के बीच वह इकलौती बहन है। उनकी कामयाबी से परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर है।
---------
पिता की टूटती सांसे देखकर डॉक्टर बनने का जागा जज्बा
घर में सबसे छोटी स्वाली पिता की दुलारी थी। पिता के निधनके बाद उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा। भाइयों ने सपने को हकीकत में बदलने का भरोसा दिलाया, तो राह आसान लगी। मां की प्रेरणा से पढ़ाई की और सफलता मिली। अब आगे चलकर वह डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करेगी। अन्य छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने कहा कि सपनों को पूरा करना मुश्किल नहीं होता है। दिन में वह छह से सात घंटे पढ़ाई करती थी। गुरुजनों से प्राप्त की प्रतियोगी परीक्षाओं को पढ़कर परीक्षा पास करने में आसानी हुई।