इंदरगढ़। शादी के 14 साल बाद भी पत्नी की बेवफाई ने मजदूरी करने वाले मनोज को तीन-तीन हत्या का आरोपी बना दिया। दो साल पहले जब पत्नी प्रेमी के साथ भागी तो पति मनोज ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने पकड़ लिया था। पूछताछ के दौरान उसने पति के बजाए प्रेमी के साथ जाने की इच्छा जताई तो पुलिस ने भेज दिया था। इस बात से भी मनोज अंदर ही अंदर सुलग रहा था। इसी क्रोध की आग में बाकायदा प्लान बनाकर उसने पत्नी को प्रेमी के साथ यह कहकर बुलाया कि पड़ोस के गांव उद्यमपुर में नुमाइश लगी है। वह आकर बच्चों के साथ मिल ले। इसी प्लान के तहत घटना को अंजाम दे डाला।
तिहरे हत्याकांड की घटना ने गुरुवार को लोगों को झकझोर दिया है। पति मनोज पत्नी के प्रेमी संग जाने से नाराज रहता था। फिर उसने धीरे-धीरे प्रेमी से मोबाइल पर बात करनी शुरू कर दी। इसी बीच वह पत्नी से भी बात कर लिया करता था। अक्सर अपने दोनों बच्चों की भी बात करवाया था। उसने यह जाहिर कर दिया कि वह भूल कर सामान्य जिंदगी जी रहा है। इसी बीच पास के गांव उद्यमपुर में नुमाइश लगी तो उसने पत्नी को मोबाइल कर यहां आने और बच्चों के साथ नुमाइश घूमने की बात कही। उसकी बातों में आकर पत्नी प्रेमी व छह माह के बच्चे के साथ बुधवार को ही टुंडपुरवा पहुंची थी। सभी खुशी-खुशी एक-दूसरे से मिले थे। साथ में खाना खाया। मनोज ने जरा सा भी अहसास नहीं होने दिया कि उसके मन में क्या चल रहा है। बुधवार की देर रात जब पत्नी राधा बच्चों व प्रेमी के साथ नुमाइश से वापस आई तो मनोज ने बेवफाई का शिकवा शुरू कर दिया। इसी बीच फिर से विवाद होने लगा तो बदले की आग में सुलग रहे मनोज ने घर में रखे डंडे से पहले पत्नी पर ताबड़तोड़ वार किया, उसे बचाने पर उसके प्रेमी सतेंद्र कश्यप पर भी डंडे से कई वार किए। इस हमले में दोनों की ही मौके पर मौत हो गई। इसी बीच डंडा लगने से उन दोनों के छह महीने बच्चे की भी मौत हो गई।
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पूरी रात पूछताछ के बाद अगले दिन आरोपी गिरफ्तार
पत्नी, प्रेमी व छह माह के बच्चे की पीट-पीट कर जान लेने वाले आरोपी मनोज जाटव को बुधवार की रात में ही हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। अगले दिन गुरुवार को भी जरूरी पूछताछ की। उसके बाद हसरेन चौकी प्रभारी राकेश कुमार रावत की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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पिता के साथ मैनपुरी में रहता था, पत्नी बहकी तो आ गया था गांव
आरोपी मनोज के पिता कृष्ण कुमार जाटव डाकखाना में बाबू के पद पर मैनपुरी में कार्यरत थे। वह परिवार के साथ वहीं रहते थे। उन्होंने ही मनोज की शादी औरैया के बेला थाने से पिंकी के साथ शादी हो कराई थी। चार साल पहले वह रिटायर हुए थे। एक साल पहले बीमारी से उनकी मौत हो गई थी। मैनपुरी में रहने के दौरान ही पिंकी को घर के पड़ोस में रहने वाले मैनपुरी के वंशीगौरा निवासी सतेंद्र कश्यप से नजदीकी हो गई थी। सतेंद्र एक ब्यूटी पार्लर का संचालन करता था। उसी ब्यूटी पार्लर में पिंकी काम करती थी। उसी दौरान दोनों में दोस्ती हो गई थी। पति को दोनों के बीच पनप रही दोस्ती की जानकारी हुई तो वहां से आकर गांव में रहने लगा। इसी बीच एक दिन मौका पाकर पिंकी प्रेमी सतेंद्र के साथ फरार हो गई। पति मनोज ने इंदरगढ़ थाना में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने पत्नी व प्रेमी को सकुशल बरामद कर लिया था, पर पुलिस कार्रवाई के दौरान पूछताछ में पत्नी ने प्रेमी के साथ जाने की इच्छा जाहिर कर प्रेमी के साथ चली गई थी, इससे मनोज काफी आहत हुआ था।
बच्चों की बढ़ी परेशानी
मनोज जाटव और पिंकी के दो बच्चे हैं। एक बेटी 13 वर्षीय आयुषी और 11 वर्षीय युवांश है। पिंकी की सतेंद्र से दोस्ती हुई तो वह इन दोनों ही बच्चों को छोड़कर चली गई। मनोज ही दोनों की परवरिश कर रहा था। अब चूंकि पिंकी की जान चली गई और मनोज भी जेल भेज दिया गया है ऐसे में दोनों बच्चों के सामने भविष्य की चिंता सताने लगी है। मनोज के चाचा रामसिंह से मिलकर पुलिस ने जरूरी जानकारी जुटाई है। दोनों बच्चों की परवरिश कौन करेगा अभी यह तय नहीं हो सका है।
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एसपी का बयान
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि तिहरे हत्याकांड के आरोपी मनोज जाटव को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल किया है। पुलिस अब आगे की जांच कर रही है।