सिकंदरपुर। आजादी के अमृत महोत्सव महापर्व पर आत्मा प्रकाश बालिका विद्यालय में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कानपुर के कवि आलम सुल्तानपुरी ने चमन में फूल हैं कितने सभी से प्यार करते हैं, जहां हम गीता रखते हैं, वहीं कुरान रखते हैं, हमारे सामने आतंक का तुम नाम मत लेना, हम अपने दिल की हर धड़कन में हिंदुस्तान रखते हैं, सुनाकर तालियां बटोरी।
कायमगंज के कवि देवेश दीक्षित ने वो रवानी नहीं है किसी काम की, वह कहानी नहीं है किसी काम की, काम आए नहीं जो वतन के लिए, वह जवानी नहीं है किसी काम की सुनाकर युवाओं में जोश भर दिया। इसके अलावा संतोष पांडेय फर्रुखाबाद, बलराम श्रीवास्तव मैनपुरी, सुरेश फक्कड़ उन्नाव, डा. विनय उन्नाव, सृजन शुक्ला लखनऊ, स्मृति अग्निहोत्री फतेहगढ़ ने भी कविता पाठ किया।
इससे पहले चेयरमैन उर्वशी दुबे ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। वरिष्ठ कवि ओमप्रकाश शुक्ला के संचालन में आयोजन में योगेंद्र शुक्ला ने सभी कवियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
इस मौके पर संजीव शुक्ला जनसेवक, देवप्रकाश पॉलीवाल, आशीष द्विवेदी, रामजी गुप्ता, श्यामू शुक्ला, बबलू सैनी, सतपाल यादव, सुनील दुबे, विजय शुक्ला, अमित सक्सेना आदि लोग मौजूद रहे।