फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रमिकों का मनरेगा से मोहभंग, 55 फीसदी काम ठप

विज्ञापन
विज्ञापन
कन्नौज। महात्मा गांधी नेशनल रूरल इंप्लायमेंट गारंटी (मनरेगा) के तहत जिले में होने वाले विकास कार्य धीरे-धीरे थम गए हैं। श्रमिकों का भी मनरेगा से मोहभंग हो गया है। इस कारण 55 फीसदी ग्राम पंचायतों में काम ठप है। पहली अक्तूबर को मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या जहां 14,230 थी, जो सिमटकर 5,673 रह गई है।
विज्ञापन

मनरेगा में पहली अक्तूबर को कुल 499 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 398 ग्राम पंचायतों में कार्य हो रहा था। इस दौरान श्रमिकों की संख्या 14,230 थी। उसके बाद 11 अक्तूबर को 367 ग्राम पंचायतों में ही काम चला। यहां पर 11,272 श्रमिकों का ही पंजीकरण रहा। 29 अक्तूबर को यह संख्या और कम हो गई। जिले की 224 ग्राम पंचायतों में केवल 5,673 श्रमिक ही कार्य कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि पहले बारिश की वजह से मनरेगा का कार्य प्रभावित हुआ। उसके बाद दिवाली को लेकर भी असर पड़ा।
इन दिनों आलू की गढ़ाई और धान की कटाई का भी समय चल रहा है। ग्रामीण उसमें भी जुटे हैं। उधर, जॉबकार्ड धारक सुरेश कुमार ने बताया कि मनरेगा में तो एक दिन का 213 रुपये ही मिलता है पर आलू की गढ़ाई में 300 रुपये मिलते हैं। अनिरुद्ध सिंह का कहना है कि धान कटाई में श्रमिकों की जरूरत है, रुपये भी नकद और अधिक मिलते हैं। मनरेगा में दिहाड़ी कम है।
विज्ञापन

-----------------
बयान
त्योहारों को लेकर श्रमिकों की संख्या में गिरावट आई है। साथ ही अब सप्ताह में एक दिन रविवार और त्योहार में श्रमिकों को अवकाश दिया जाता है। अक्तूबर में जो मनरेगा के तहत काम होने थे, वह लक्ष्य से अधिक 103 फीसदी के करीब हैं, इस वजह से भी श्रमिकों की संख्या कम है।
विज्ञापन

दयाराम यादव, डीसी मनरेगा
-------------------
किन ब्लॉकों में कितनी जगह कर रहे श्रमिक काम
-----------------------------------------
ब्लॉक कुल ग्राम पंचायत इनमें है काम श्रमिकों की संख्या
छिबरामऊ 96 27 817
गुगरापुर 23 13 324
हसेरन 36 28 1014
जलालाबाद 35 14 300
कन्नौज 84 50 736
सौरिख 68 36 1031
तालग्राम 67 18 353
उमर्दा 90 38 1098
नोट: आंकड़े मनरेगा की वेबसाइट से 29 अक्तूबर तक के हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें