कन्नौज। जिले में दो दिनों से रिमझिम बारिश हो रही है। गुरुवार से अचानक बदले मौसम से अन्नदाता सहम गए हैं। शुक्रवार देर शाम तक बारिश हुई। इस दौरान ओला भी गिरने लगे। तेज हवाएं चलने से कई स्थानों पर गेहूं की फसल झुक गई। बेमौसम बारिश से किसानों की धड़कने तेज हो गईं।
जनपद में 76 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की फसल तैयार हुई है। बार-बार अचानक बदल रहे मौसम से अन्नदाताओं के चेहरे पर चिंताओं की लकीरें दिखने लगीं हैं। पहले 20 मार्च के आसपास बारिश व ओला गिरे थे। अब 30 व 31 मार्च को फिर से रिमझिम बारिश होने लगी है। खेतों में पक चुकी गेहूं की फसल में नमी हो गई है। इससे कटाई में दिक्कत होगी। साथ ही इस बारिश से फसल खराब होने की संभावनाएं प्रबल हो गईं हैं। गुरुवार की देर रात अचानक आसमान में बदली छा गई। उसके बाद तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। शुक्रवार को दोपहर में आसमान में काली घटाएं छा गईं और बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो कुछ देर बाद रिमझिम बारिश में बदल गई। आधा घंटा तक यह सिलसिला चला। उसके बाद तेज हवाएं और आसमान गरजा। रात आठ बजे के बाद से फिर बारिश हुई। साथ ही कुछ देर के लिए ओला भी गिरा। किसानों के मुताबिक टमाटर, सरसों व प्याज की फसल को भी नुकसान बताया जा रहा है।
फोटो -06- अमर सिंह । संवाद
मानपुर निवासी किसान अमर सिंह ने बताया कि बेमौसम हो रही बारिश से ज्यादातर फसलों को नुकसान है। सरकारी सर्वे सही से नहीं होता है, जिससे समय पर व सभी किसानों को वाजिब मुआवजा नहीं मिलता। उनका भी फसल में नुकसान हो गया।
फोटो-07- राम अवतार। संवाद
किसान रामअवतार ने बताया कि बूंदाबांदी तक तो ठीक थी, लेकिन शुक्रवार की रात में फसलों के मुताबिक बारिश अधिक हो गई है, जिससे गेहूं में नुकसान तय है। पकी सरसों में भी दिक्कत होगी। बाजार व मौसम समेत किसान हर तरफ से मारा जाता है।
फोटो-08- बालक राम। संवाद
किसान बालक राम ने बताया कि गुरुवार की रात में तो बूंदाबांदी हुई थी, जिससे नुकसान कम होने की संभावना थी। शुक्रवार की रात तेज बारिश से तो गेहूं व सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। ओला से तो प्याज, गेहूं, टमाटर व सरसों की फसल खराब हो गई।
फोटो- 09- विक्रम सिंह। संवाद
किसान विक्रम सिंह का कहना है कि बाजार में फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा। मौसम भी आए दिन दगा दे जाता है। इससे किसानों की मुश्किलें कम नहीं होतीं हैं। दो सप्ताह के अंदर दूसरी बार लगातार पानी बरस रहा है, इससे फसलों को नुकसान तय है।
9999999
कर्मचारियों से फसल नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है। हवाएं चलने से गेहूं गिरने की शिकायतें हैं। तहसीलों से भी बारिश का रिकार्ड देखा जाएगा। अधिक पानी गिरने से पकी फसलों को नुकसान होगा।
आवेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी