कन्नौज। जिले के अल्प शिक्षित युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाया जाएगा। सरकार की ओर से दीनदयाल उपाध्याय कौशल्य योजना के तहत उन्हें उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कलक्ट्रेट में हुई बैठक के दौरान अफसरों ने मंथन किया।
कलक्ट्रेट में उप्र कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित कौशल प्रशिक्षण योजनाओं से संबंधित बैठक में डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने कहा कि विभिन्न विभागों की ओर से संचालित कौशल विकास की योजनाओं को समन्वित एवं एकीकृत रूप से क्रियान्वित करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का गठन किया गया है। प्रदेश के 14 से 35 आयु वर्ग के अल्पशिक्षित युवक/युवतियों को निजी व सार्वजनिक क्षेत्र की सहभागिता से रोजगार परक अल्पकालीन प्रशिक्षण दिलाकर हुनरमंद बनाना है।
इसमें युवा अपनी इच्छा अनुसार पाठ्यक्रम में ट्रेनिंग ले सकते हैं। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत आवंटित लक्ष्य 3006 के सापेक्ष 1958 बच्चों का पंजीकरण और राज्य कौशल विकास निधि (एसएसडीएफ) योजना के अंतर्गत आवंटित लक्ष्य 2170 के सापेक्ष 2008 बच्चों का पंजीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है, उन्हें नौकरी दी जाए और जिन बच्चों को ट्रेनिंग दी जा रही है उन्हें समय से ट्रेनिंग कराकर नौकरी दी जाए।
डीएम ने जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन से कहा कि जिला कारागार में जिन 60 बंदियों को प्रशिक्षण दिया जाना है उनका भी जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराकर प्रशिक्षण शुरू किया जाए।
डीएम ने इस दौरान श्रीगणेश इंफ्रा डिवेलपर प्राइवेट लिमिटेड, ग्रेड लाइफ साइंस प्रालि, उत्कर्ष अकादमी प्रालि, श्रीहंस ट्रेडर्स प्रालि आदि संबंधित विभिन्न संस्थाओं को निर्देश दिए कि जिन बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उनकी क्षमता को भी परखा जाए और बच्चों को पूर्ण रूप से प्रशिक्षित किया जाए। सेंटर में युवाओं के प्रशिक्षण के लिए क्षमता बढ़ाई जाए।
सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना का उद्देश्य गरीब ग्रामीण युवाओं का कौशल विकास कराना और उन्हें न्यूनतम मजदूरी व इससे अधिक नियमित मासिक मजदूरी वाले रोजगार के साथ जोड़ना है।