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आठ बजे हुई फोन से बात हुई और कुछ देर बाद उजड़ गई दुनिया

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छिबरामऊ। शुक्रवार को आठ बजे फोन से पति को बस में बैठने की जानकारी देने वाली पत्नी नूरी को क्या पता था कि यह उसके जिंदगी की आखिरी यात्रा होगी।
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पुत्र व पुत्री के साथ बस में बैठी महिला का पुत्र तो किसी तरह बस से निकल गया, लेकिन दोनों बस के अंदर ही फंसे रह गए। ग्राम नगला दिलू स्थित सौ शैय्या अस्पताल पत्नी की तलाश में पहुंचे थाना गंजडुंडवारा निवासी नाजिम पुत्र नसीम ने बताया वह जयपुर में रहकर मजदूरी करता है। पत्नी व बच्चे भी जयपुर में ही उसके साथ रहते थे। 14 दिसंबर को उसकी बहन की शादी का कार्यक्रम दिल्ली में हुआ था। शादी में वह अपने परिवार समेत शामिल हुआ था। शादी समारोह संपन्न होने के बाद वह जयपुर चला गया, जबकि पत्नी नूरी पुत्र अनस (11) व पुत्री सानिया (4) अपने मायके मोहल्ला जेरकिला छिबरामऊ चली आई। शुक्रवार को जयपुर के लिए बस में बैठने से पहले नूरी ने उसे फोन करके बताया कि वह बस में बैठ चुकी है। आधा घंटे बाद जब उसने दोबारा फोन किया तो फोन नहीं मिला। कई बार प्रयास करने के बाद भी जब बात नहीं हो सकी तो अपने साले जुबैर पुत्र छोटे टेलर को फोन किया, तब हादसे की जानकारी हुई। जुबैर ने बताया कि हादसे में उसका भांजा अनस किसी तरह बस से बाहर निकल आया। अनस को पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने अस्पताल में भर्ती कराया। नूरी व सानिया का कहीं अतापता नहीं चल सका। पत्नी नूरी व पुत्री सानिया की तलाश में पहुंचे नाजिम का रो रोकर बुरा हाल था।
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