उन्नाव। चाइल्ड लाइन 1098 की ओर से पूरन नगर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करके बाल विवाह पर होने वाली सजा की जानकारी दी गई।
काउंसलर प्रज्ञा ने बताया कि कम उम्र में शादी करने से पूरे समाज पिछड़ता है। इसलिए हमारे देश के कानून में लड़के और लड़की के लिए विवाह करने की एक उम्र निर्धारित की गई है। इस उम्र से कम आयु में शादी करने को ही बाल विवाह कहा जाता है। बताया कि यदि शादी करने वाली लड़की की उम्र 18 साल से कम हो या लड़के की आयु 21 वर्ष से कम है तो वह विवाह बाल विवाह कहलाएगा। ऐसी शादी की हमारे कानून में पूर्ण तौर पर मनाही है। ऐसी शादी के कई कानूनी परिणाम हो सकते हैं। चाइल्ड लाइन प्रभारी दिवाकर ओझा ने बताया कि दहेज देना तो अभिशाप है पर बाल विवाह करना पाप है। बताया कि कम उम्र में शादी करने पर दो साल तक की कैद या एक लाख रुपये तक के जुर्माने या फिर दोनों सजाएं भी हो सकती है। उन्होंने बच्चों को हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 181 व 1090 की भी जानकारी दी। कहा कि बाल विवाह हो रहा हो तो उसकी सूचना 1098 पर दें। इस दौरान अमन, प्रज्ञा, अमरीश अवस्थी, रिया व अमित आदि उपस्थित रहे।