-दहेज हत्या का मामला, जिला सेवा प्राधिकरण की सचिव के निर्देश पर चीफ डिफेंस काउंसिल ने की पैरवी
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। दहेज हत्या के आरोप में सात वर्षों से जिला जेल में बंद दो भाइयों को कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया है। एक भाई जमानत पर रिहा था। दोनों भाइयों की पैरवी के लिए अधिवक्ता न होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव के निर्देश पर चीफ डिफेंस काउंसिल ने मामले की पैरवी की। अदालत का फैसला आने के बाद दोनों भाइयों और परिवार में खुशी छा गई।
चीफ डिफेंस काउंसिल श्वेतांक अरुण तिवारी ने बताया कि मामला सात साल पहले की घटना से जुड़ा है। उन्होंने बताया औरैया जनपद के दिबियापुर थाना क्षेत्र के केविन की मडैय्या निवासी सावित्री देवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि पुत्री संध्या की शादी चार मार्च 2013 को अजीलमल थाना क्षेत्र के जगनपुरा गांव निवासी एसपी नरायन से की थी। उसने शादी में पांच लाख रुपये नकद व पांच लाख रुपये का सामान दहेज में दिया था। शादी के बाद पति एसपी नारायन, जेठ गुड्डन, उसका बेटा कौशल, जेठ मुलायम सिंह व ननद रामबेटी कार की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। कई बार ससुरालीजनों को समझाया पर सुधार नहीं हुआ। 13 अप्रैल 2016 को पुत्री की गला दबाकर हत्या कर कमरे में लटका दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना कर पति एसपी नारायन व जेठ गुड्डन उर्फ अभिलाष के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए। सात साल से जेल में बंद दोनों भाइयों के पास पैरवी के लिए कोई अधिवक्ता नहीं था। जिस पर जिला सेवा प्राधिकरण की सचिव लवली जायसवाल के निर्देश पर चीफ डिफेंस काउंसिल ने मामले की पैरवी। शनिवार को जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले में सुनवाई की। उन्होंने दलीलों के आधार पर दोनों भाइयों को दोष मुक्त कराया दिया। फैसला सुनाए जाने के दौरान जेठ जमानत पर बाहर था। दोषमुक्त होते ही दोनों भाइयों के चेहरे खुशी से खिल उठे।