कन्नौज। भादो माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी (चौथ) तिथि पर मंगलवार को प्रथम पूज्य देव श्रीगणेश की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके साथ ही 10 दिवसीय गणेशोत्सव धूमधाम से शुरू हो जाएगी। शहर में घरों समेत 34 स्थानों पर गौरी पुत्र भगवान गणेश की प्रतिमाएं मंत्रोच्चारण के बीच स्थापित होंगी। इसके चलते सोमवार देर रात तक पांडालों में तैयारियां चलती रहीं।
मंगलवार से घरों और पांडालों में मेहमान बनकर अगले दस दिनों तक भगवान गणेश विराजमान होंगे। इसके साथ ही गणेश महोत्सव भी प्रारंभ हो जाएगा। इत्रनगरी में गणेश चतुर्थी को लेकर कई दिनों से तैयारियां चल रहीं थीं। सोमवार को सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। शहर में जगह-जगह सज रहे भव्य पांडालों में तैयारी पूरी कर ली गई। सोमवार सुबह होते ही शुभ मुहूर्त के साथ गौरी पुत्र श्रीगणेश की स्थापना की जाएगी। गणेश महोत्सव को लेकर चौराहों से लेकर गलियों तक में पंडाल सजकर तैयार हो चुके हैं। गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर दस दिनों तक आराधना की जाएगी। गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर बाजारों में गणेश प्रतिमा के साथ खरीदारी का सिलसिला चलता रहा।
मानीमऊ आनंदेश्वर धाम के पीठाधीश्वर कौशल किशोर जी बताया कि भगवान गणेश के जन्म दिन के उत्सव को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। शास्त्र सम्मति है कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को अग्र पूज्य देव भगवान गणेश का मध्याह्न काल में जन्म हुआ था।
आचार्य शिवांग अग्निहोत्री बताते हैं कि चतुर्थी तिथि मंगलवार 19 सितंबर को दो बजे तक है। उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन पूजा और स्थापना कर सकते हैं। स्था
आचार्य विवेक तिवारी के मुताबिक गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक 10 दिवसीय गणेश पूजन का विधान है। गणेश बुद्धि के देवता हैं तथा रिद्धि-सिद्धि उनकी पत्नियां हैं।