तालग्राम। कस्बा से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए आरडीएस (रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर) के तहत सर्वे का काम शुरू हो गया है। इससे गर्मी में उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग व फॉल्ट की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।
बिजली की जर्जर लाइनों के कारण फॉल्ट और अधिक लोड के चलते ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान रहते हैं। बंच केबल भी जोड़-गांठ कर चलाई जा रही है। इससे बिजली कटौती लोगों की परेशानी का कारण बनी रहती है। व्यवस्था में सुधार लाने के लिए बिजली अधिकारियों ने जर्जर लाइन बदलने, ट्रांसफार्मर क्षमता, बंच केबल जैसे कार्यों का प्रस्ताव भेजा गया था। मंजूरी मिलते ही अब बिजली उप खंड पर सर्वे का कार्य शुरू करा दिया गया है। रिवैंप योजना के तहत फीडरों की जर्जर लाइनें बदली जाएंगी।
गांव और मोहल्लों में जर्जर बंच केबल बदलकर नई केबल डाला जाएगा। उपकेंद्रों पर लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जानी है। अधूरी बिजली लाइनों को भी पूरा किया जाना है। एसडीओ अनुभव श्रीवास्तव का कहना है कि आरडीएस योजना के तहत कंपनी ने सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। लाइन केबल कार्य पूर्ण होने पर उपभोक्ताओं को फॉल्ट और ट्रिपिंग जैसी समस्या से पूर्ण रूप से निजात मिल जाएंगी।