कन्नौज। हाथरस में साकार विश्व हरि के सत्संग में शामिल होने के लिए शहर से गए सभी अनुयायी भगदड़ में सुरक्षित बचकर बुधवार को घर लौट आए। अनुयायियों ने बताया कि सत्संग में इतनी भीड़ थी कि बड़े हादसे में 100 से ज्यादा लोगों के जान गंवाने की उन्हें भनक तक नहीं लग सकी। उन्हें सत्संग में मची भगदड़ और उससे लोगों की मौत का पता तब चल सका, जब उनके परिजनों ने उनका हालचाल जानने के लिए खुद ही उनके मोबाइल पर कॉल किया।
मंगलवार को हाथरस के सिकंदरामऊ क्षेत्र के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में होने वाले सत्संग में जिले के बलारपुर, हौदापुरवा, फतुहापुर, शिवाजीनगर, चौधरियापुर समेत कई जगहों के श्रद्धालु और सेवादार गए थे। सत्संग में शामिल हुए हौदापुरवा के राम खेलावन ने आंखों देखी बताई। कहा सत्संग में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ थी। सत्संग समाप्त होने के बाद वे लोग घर के लिए निकलने लगे तभी कुछ दूरी पर एक एंबुलेंस आकर भीड़ के पास रुकती नजर आई।
एंबुलेंस के पास पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के कारण आगे नहीं बढ़ सके। लोगों से पूछने पर पता चला कि कुछ लोग गिरकर बेहोश हो गए हैं। छोटा-मोटी बात समझकर वहां से अपने साथियों के साथ रेलवे स्टेशन घर लौटने के लिए पहुंच गए। स्टेशन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे तभी मोबाइल फोन की घंटी बजी तो परिजनों ने घबराते हुए हालचाल लेना शुरू कर दिया।
कारण पूछने पर उन्होंने जानकारी दी कि सत्संग में भगदड़ मचने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। यह सुनते ही उनके भी हाथ पांव ठंडे पड़ गए। किसी तरह घर पहुंचे तो आंखों के सामने परिजनों को सही सलामत पाकर लोगों ने राहत की सांस ली। बलारपुर के मुकेश, शिवकुमार, फतुहापुर की ममता, शिवाजीनगर के देवेंद्र, चौधरियापुर के चेतराम, राजेंद्र, मनोज सहित काफी संख्या में श्रद्धालु और सेवादार गए थे, जो घर लौट आए।
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घर लौटकर आने के बाद हुई हादसे की जानकारी
बलारपुर के रामकिशोर सत्संग में सेवादार थे। रामकिशोर ने बताया कि वह तैयारियों को लेकर रविवार को ही फुलरई मुगलगढ़ी पहुंच गए थे। उनकी ड्यूटी पंडाल स्थल से करीब चार किलोमीटर दूर लगी थी। सत्संग समाप्त होने के बाद ट्रेन से घर आ गए। घर आकर सत्संग में भगदड़ से श्रद्धालुओं की मौत की जानकारी हुई।