छिबरामऊ। सूबे में कांग्रेस की सरकार के विरोध में वीपी सिंह ने जब विरोध का झंडा उठाया तो प्रदेश में उसे फहराने की जिम्मेदारी मुलायम सिंह यादव ने बखूबी निभाई।
क्रांति रथ पर सवार होकर जब मुलायम सिंह ने जनता दल का चुनाव चिन्ह सुदर्शन चक्र हाथ में थामा तो उन पर वोटों की बारिश हो गई।
पांच विधानसभा सीटों पर जनता दल की विजय पताका फहरा गई और मुलायम सिंह यादव के सिर पर मुख्यमंत्री का ताज सज गया।
कहा जाता है कि छिबरामऊ की धरती मुलायम सिंह यादव के लिए शुभ साबित हुई।
साल 1988 में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के नेतृत्व में बने जनता दल की कमान उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव ने संभाल ली। मुलायम सिंह यादव क्रांति रथ लेकर छिबरामऊ के जगदीश्वर दयाल जनता इंटर कॉलेज में पहुंचे।
जनता दल युवा के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह यादव बताते हैं कि इस जनसभा में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुलायम सिंह यादव के भाषण का परिणाम यह हुआ कि साल 1989 में जनता दल पर वोटों की बारिश हो गई।
जनता दल की आंधी में विरोधी उड़ गए। फर्रुखाबाद की मोहम्मदाबाद विधानसभा से सुरेश चंद्र यादव, कमालगंज से अनवार मोहम्मद खान, छिबरामऊ से कप्तान सिंह यादव, तिर्वा से रामबख्श वर्मा व कन्नौज सदर से कलियान सिंह ने जीत हासिल की।
साल 1989 में कन्नौज का गठन नहीं हुआ था और जनपद की तीनों विधानसभा सीटें फर्रुखाबाद के अंतर्गत आती थीं।
कस्बा विशुनगढ़ के रहने वाले कार्यकर्ता आदिल खां की साल 1992 में हत्या कर दी गई थी। यह हत्याकांड लोगों की भावनाओं से जुड़ गया था।
उस समय पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने विशुनगढ़ के रामलीला मैदान में जनसभा कर आदिल के हत्यारों की गिरफ्तारी की आवाज को बुलंद कर दिया।
अपने कार्यकर्ता के प्रति समर्पण और उसके परिवार के प्रति निष्ठा ने मुलायम सिंह यादव के राजनैतिक कद को जनपद में खूब बढ़ाया।
छिबरामऊ। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से राजनीति का ककहरा छिबरामऊ से दो बार विधायक रहे अरविंद सिंह यादव ने भी सीखा।
उन्होंने बताया कि युवाओं को आगे लाकर समाजसेवा के कार्य में लगने के लिए मुलायम सिंह यादव हमेशा प्रेरित करते रहे।