गुरसहायगंज। किसानों के दिल्ली चलो आह्वान को लेकर भाकियू (टिकैत) गुट के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बुधवार सुबह प्रदर्शन करने के लिए जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुए। हाईवे पर पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर किसानों को रोक लिया। इससे नाराज किसानों ने जमकर नारेबाजी की। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम छिबरामऊ को देकर समस्या के समाधान की मांग की।
हरियाणा और पंजाब के किसानों के दिल्ली कूच के आह्वान पर भाकियू (टिकैत) गुट के जिलाध्यक्ष मोहम्मद शमीम सिद्दीकी, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कुसुम चौहान, जिला उपाध्यक्ष इरशाद अली, जिला सचिव साजिद हुसैन, नगर अध्यक्ष अकील फारुकी, ब्लॉक अध्यक्ष अनुराग यादव आदि के नेतृत्व में सैकड़ो किसानों ने दर्जनों ट्रैक्टरों पर सवार होकर हाईवे से कन्नौज की ओर प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। किसानों के प्रदर्शन की जानकारी प्रशासन को पहले से ही थी, जिस पर अधिकारियों ने हाईवे पर कड़ी नाकाबंदी और बैरीकेडिंग कर ने उन्हें रोक लिया। इससे नाराज किसानों ने जमकर नारेबाजी की। छिबरामऊ एसडीएम उमाकांत तिवारी और कोतवाल जयप्रकाश शर्मा ने किसानों को समझाकर शांत कराया। अधिकारियों के समझाने पर किसान वापस लौटे। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका। इस दौरान रंजीत कौशल, डॉ. आरके कटियार, मोहम्मद शमशाद, मुजम्मिल खान, आरिफ, महेंद्र सिंह आदि कई किसान मौजूद रहे।
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किसानों की मांग, ट्रेनों में फिर से बहाल हो रियायती किराया
किसानों ने 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण रखने की बात कही गई है। कोविड के दौरान बंद की गई वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगों की ट्रेन सफर रियायत बहाली की भी मांग की गई। सभी के लिए मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और स्वच्छता के अधिकार की गारंटी, नई शिक्षा नीति 2020 को रद्द करने, सभी के लिए आवास सुनिश्चित करने, बिजली विधेयक 2022 को वापस लेने, बीज खाद और बिजली पर सब्सिडी बढ़ाए जाने सहित 15 सूत्रीय मांग की।