छिबरामऊ। पिछले कुछ दिनों से हो रही है बरसात से जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। खेतों जलमग्न होने के कारण फसलों में 80 से 90 प्रतिशत नुकसान हो चुका है। वहीं सड़कों पर भी जगह-जगह पर जलभराव होने से लोगों को खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
तेराजाकेट प्रतिनिधि के अनुसार नेशनल हाइवे चौड़ीकरण के कारण गांव में सर्विस रोड का निर्माण कराया है। कार्यदायी संस्था ने सड़क निर्माण का काम पूरा कर दिया, जबकि नाला निर्माण अभी तक अधूरा पड़ा है। बरसात होते ही सर्विस रोड दोनों तरफ तालाब में तब्दील हो जाती है। यहां से पैदल यात्रियों को गुजरना काफी जानलेवा है। वाहनों के गुजरने से कपड़ों गंदे पानी से तरबतर हो जाते हैं। लगातार गंदे पानी से होकर गुजरने के कारण आसपास के लोगों के पैरों में खुजली की समस्या होने लगी है। साथ ही संक्रामक बीमारियां फैलने का भी खतरा बना हुआ है। गांव के वीरेंद्र, सुरेंद्र, राजीव, कुलदीप, नरेंद्र, संतराम बाथम, प्रियांश दुबे, विनोद यादव आदि ने पानी निकासी के इंतजाम कराए जाने की मांग की है। वहीं कार्यदाई संस्था ग्रिल कंपनी के कर्मचारियों का कहना है मुआवजा न मिलने के कारण लोग निर्माण नहीं होने दे रहे हैं, जिस कारण कार्य रुका हुआ है।
नादेमऊ प्रतिनिधि के अनुसार बरसात से पहले कस्बे के नालों व नालियों की सफाई न होने के कारण पूरी तरह से चोक है। मंगलवार की दोपहर तेज बरसात होते ही कस्बे की गलियां जलमग्न हो गई। हसेरन सौरिख मार्ग तिराहा तालाब में तब्दील हो गया। तिराहे पर दुकानों के अंदर पानी घुसने से सामान भीग गया। वहीं आने-जाने वाले लोगों को गंदे पानी में घुसकर गुजरना पड़ा। गांव के लोगों ने जल निकासी के इंतजाम कराने की मांग की है।